Noida Airport : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक शुभ समाचार सामने आया है। इस एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल (International Terminal) का निर्माण कार्य सितंबर-अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। साथ ही, इस साल के अंत (दिसंबर) तक जेवर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावना भी है। यह महत्वपूर्ण जानकारी मंगलवार को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) की 27वीं बोर्ड बैठक में साझा की गई, जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की। बैठक में पहले चरण के तहत वर्तमान में संचालित घरेलू और कार्गो उड़ानों की दैनिक स्थिति की समीक्षा की गई और टर्मिनल के बचे हुए कार्यों को तीन से चार महीने में युद्ध स्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। दूसरे रनवे के लिए जमीन अधिग्रहण तेज एयरपोर्ट के विकास में प्रशासन ने अपनी तैयारियों को मजबूत कर लिया है, जिसके तहत अब दूसरे रनवे और विमानों के इंजन तैयार करने वाली कंपनियों की स्थापना की योजना तैयार कर ली गई है। एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तार के लिए कुल 14 गांवों के 12 हजार किसानों की 2053 हेक्टेयर भूमि का टेकओवर किया जाना है। इस में जिला प्रशासन अब तक आठ हजार किसानों को लगभग 5,500 करोड़ रुपये का मुआवजा दे चुका है। अधिकारियों का कहना है कि अगले दो महीनों के भीतर मुआवजे प्रदान पूरा कर भूमि अपने कब्जे में ले ली जाएगी, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सके। जेवर विमानन हब, अकासा एयर समझौता तीसरे चरण में मिलने वाली 2053 हेक्टेयर भूमि पर मुख्यतः विमानों के लिए क्रॉसिंग और सर्विस रनवे का निर्माण किया जाएगा, जिससे विमान हैंगर तक पहुंच सकें। साथ ही, यहाँ विमानन से संबंधित बड़ी इकाइयाँ भी बनाई जाएंगी। वहीं, दूसरे चरण की 1365 हेक्टेयर भूमि पर देश का एक महत्वपूर्ण एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग) हब विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 'अकासा एयर' विमानन कंपनी के साथ पहले से समझौता हो चुका है। इस चरण में 490 एकड़ में दूसरा रनवे और सर्विस रनवे बनाया जाएगा और लगभग 800 एकड़ में एविएशन इंडस्ट्री स्थापित की जाएगी। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2031 तक देश में विमानों की संख्या मौजूदा 700 से बढ़कर 1,800 होने की संभावना है, जिसको ध्यान में रखते हुए इस एमआरओ हब का विकास बहुत ही कूटनीतिक तरीके से किया जा रहा है। चरणबद्ध जेवर एयरपोर्ट विस्तार नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विशाल ढांचे को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार तीन प्रमुख चरणों में बांट करके विकसित किया जा रहा है, जिसकी योजना इस प्रकार है: पहला चरण: इसमें 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में एक प्रमुख रनवे और शानदार टर्मिनल का निर्माण कर इसके प्रबंधन की शुरुआत की गई है। दूसरा चरण: इस चरण में 1,365 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया गया है, जहां दूसरे रनवे और भव्य एमआरओ (MRO) हब के लिए विमानों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। तीसरा चरण: इस अंतिम और सबसे व्यापक चरण में 2,053 हेक्टेयर भूमि पर सेवा रनवे, विमानों के लिए हैंगर और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बड़े विमानन उद्योग का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, नायल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित की। ये भी पढ़े : सेक्टर-1 से 40 तक अतिक्रमण का विस्तार, ट्रैफिक के बीच पैदल यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें